तबादले ही किए, नियुक्तियां नहीं की

चंबा। क्षेत्रीय अस्पताल चंबा से चिकित्सकों के तबादलों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। बीते एक माह में जिला अस्पताल से तीन चिकित्सकों के तबादले हो चुके हैं। डाक्टरों के तबादले तो हो रहे हैं, लेकिन इनकी जगह किसी को भी नहीं भेजा जा रहा है। इससे एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्था चौपट होने जा रही है। हैरानी की बात है कि अस्पताल की हालत पूर्व सरकार के कार्यकाल की तरह ही होती जा रही है। अब तक ट्रांस्फर हुए तीन चिकित्सकों के स्थान पर किसी भी चिकित्सक को नहीं भेजा गया है, जिससे मरीजों के अलावा अस्पताल प्रशासन को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में मौजूदा समय में चिकित्सकों का आंकड़ा घट कर 18 तक पहुंच गया है, जबकि यहां 22 पद स्वीकृत हैं। इतना ही नहीं यहां पर करीब 30 चिकित्सकों की जरूरत है और अस्पताल में सैकड़ों लोग हर रोज इलाज के लिए आते हैं। डाक्टरों की कमी का खामियाजा वर्तमान में सेवाएं दे रहे चिकित्सकों को भी भुगतना पड़ रहा है। इससे डाक्टरों के कंधों पर अतिरिक्त कार्य का बोझ पड़ रहा है। इतना ही नहीं कोई इमरजेंसी होने पर छुट्टी पर गए चिकित्सकों को भी अवकाश को बीच में रद करके वापस अस्पताल पहुंचना पड़ता है। स्टाफ की कमी के कारण कुछ चिकित्सकों को दोपहर का भोजन करने का भी वक्त नहीं मिल पा रहा है। उधर, क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सक अधीक्षक डा. विनोद शर्मा ने माना कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के चलते काफी परेशानी हो रही है। इमरजेंसी व आपीडी में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाने में भी मुश्किलें हो रही हैं।
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इनके हुए तबादले
डा. दुष्यंत
डा. अजय कपूर
डा. नवदीप जोशी

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मेडिसीन के एक एमडी पर सारा बोझ
जिला अस्पताल में एक मेडिसीन के एमडी को तैनात करने की मांग काफी लंबे अरसे से चली आ रही है। मौजूदा समय में यहां तैनात एकमात्र एमडी की हालत खस्ता है। उनके रूम के बाहर प्रतिदिन सैकड़ों की तादाद में मरीजों की कतारें लगी रहती हैं। इसके चलते मौजूदा एमडी को शाम पांच बजे के बाद भी मरीजों को देखना पड़ता है।

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